Tuesday, June 24, 2008

आज फिर भटका मन मेरा, आज फिर किसी ने आवाज़ दी।
कृष्ण ने झकझोर उठाया, आज फिर कृष्ण ने याद की ॥
जब जब घना कोहरा जिंदगी के गिर्द, मन को बेचैन करता है।
कृष्ण तू सहज ही आकर मुझे फिर-फिर संभाल लेता है ॥

2 comments:

Vaibhav Aggarwal said...

It made me happy reading this :).

Thank you

Kshitiz Anand said...

very nice.
Love the thought.